बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ अभियान को बड़ा झटका दिया है। लंबे समय से चुनाव आयोग (ईसीआई) और भाजपा पर वोट चोरी के आरोप लगाते हुए राहुल ने ‘हाइड्रोजन बम’ जैसी चेतावनी दी थी। हरियाणा चुनावों में 25 लाख फर्जी वोटरों का दावा करते हुए उन्होंने मतदाता अधिकार यात्रा निकाली, लेकिन बिहार में कांग्रेस को महागठबंधन (एमजीबी) के बावजूद सिर्फ 6 सीटें मिलीं। यह हार न सिर्फ पार्टी की कमजोरी उजागर करती है, बल्कि राहुल के नैरेटिव की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है।
राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान ‘आइना साफ’ करने का प्रतीक इस्तेमाल किया, जो कथित तौर पर भाजपा की साजिशों को उजागर करने का संदेश था लोगों का कहना हे कांग्रेस की हार संगठनात्मक कमजोरी और गठबंधन की दरारों का नतीजा है
भाजपा नेताओं ने राहुल पर तीखा प्रहार किया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘धूल चेहरे पर थी, लेकिन वो आईना साफ करते रहे।’ गृह मंत्री अमित शाह ने ‘वोट चोरी’ बयान को हास्यास्पद बताते हुए उनकी 90 बार हारने का जिक्र किया वोट चोरी जेसे आरोप इस बात को और बहस की ओर ले जा रहे हैं
