आज संसद में वंदे मातरम के बहाने 1937 का वो जिन्न बोतल से बाहर आने वाला है, जिसने आजादी के दीवानों को भी कभी सोच में डाल दिया था. 150 साल पूरे होने पर बुलाई गई इस खास चर्चा में पीएम मोदी सिर्फ गीत की महिमा नहीं बताएंगे, बल्कि वो ‘अनसुने राज’ खोलने जा रहे हैं, जो कांग्रेस को इतिहास के कठघरे में खड़ा कर सकते हैं. आखिर 1937 में ऐसा क्या हुआ था कि वंदे मातरम के टुकड़े कर दिए गए? क्या वाकई कांग्रेस से कोई ऐतिहासिक भूल हुई थी? जानिए, कल संसद में होने वाले उस आर-पार के संग्राम की पूरी इनसाइड स्टोरी…
