कपिल मुनि की तपोभूमि में आस्था का महाकुंभ, 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावना

पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप पर स्थित कपिल मुनि की पवित्र तपोभूमि में इस वर्ष आस्था का अनुपम संगम होने जा रहा है। गंगासागर मेले को महाकुंभ का रूप देने वाले इस आयोजन में 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्य स्नान 15 जनवरी 2026 को होगा, जो मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम तट पर संपन्न होगा। यह मेला सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जहां लाखों भक्त पापों का नाश करने के लिए डुबकी लगाते हैं। इस बार प्रयागराज या हरिद्वार में कुंभ मेला न आयोजित होने से तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होने का अनुमान है। स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं,

यह मेला कपिल मुनि की तपस्या स्थली पर आधारित है, जहां ऋषि ने समुद्र मंथन के दौरान गंगा को पृथ्वी पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐतिहासिक रूप से यहां दो मंदिर समुद्र की लहरों में विलीन हो चुके हैं, और वर्तमान संरचना तीसरी है। मंदिर के मुख्य पुजारी महंत संजय दास ने बताया, ‘इस वर्ष 1.5 करोड़ से ज्यादा सनातनी हिंदू यहां आएंगे, क्योंकि कुंभ का अभाव उन्हें गंगासागर खींच लाएगा।’ उन्होंने तट कटाव की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि ज्वार के दौरान मंदिर से समुद्र की दूरी महज 500 मीटर रह जाती है,

Scroll to Top