INS माहे: पनडुब्बियों का काल बनने को तैयार,

भारतीय नौसेना की ताकत में एक और मजबूत कड़ी जुड़ने वाली है। आईएनएस माहे, जो माहे-क्लास एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) का पहला जहाज है, 24 नवंबर 2025 को मुंबई में कमीशन किया जाएगा। यह स्वदेशी निर्माण का एक उल्लेखनीय उदाहरण है, जो कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा बनाया गया है। लगभग 78 मीटर लंबा और 1,100 टन विस्थापन वाला यह युद्धपोत तटीय क्षेत्रों में पनडुब्बी रोधी अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है, जो दुश्मन की गुप्त गतिविधियों को चकमा देने में सक्षम है।

आईएनएस माहे को टारपीडो और मल्टी-फंक्शनल एंटी-सबमरीन रॉकेट्स से लैस किया गया है, जो इसे पनडुब्बियों के खिलाफ घातक हथियार बनाते हैं। उन्नत सोनार, रडार और हथियार प्रणालियों से सुसज्जित यह जहाज तटीय गश्त, पानी के नीचे की निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए आदर्श है। नौसेना ने 23 अक्टूबर 2025 को इसे डिलीवर प्राप्त किया, जो आठ जहाजों की इस श्रृंखला का प्रारंभिक बिंदु है। यह न केवल रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि स्वदेशी जहाज निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

माहे-क्लास के इन जहाजों का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत हुआ है, जो नौसेना की आधुनिकीकरण योजनाओं का हिस्सा है। यह युद्धपोत उन्नत सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम से युक्त है, जो दुश्मन पनडुब्बियों को ट्रैक और नष्ट करने में सक्षम बनाता है।

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