AIMIM से गठबंधन… हुमायूं कबीर की नई पार्टी के ऐलान

पूर्व विधायक हुमायूं कबीर ने आज यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘बंगाल जनता मोर्चा’ (बीजेएम) के गठन की औपचारिक घोषणा की। इस ऐलान के साथ ही उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के साथ चुनावी गठबंधन की भी पुष्टि की। कबीर, जो पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़े रहे थे, ने कहा कि यह गठबंधन बंगाल के अल्पसंख्यक समुदाय की आवाज को मजबूत करने के लिए है। यह घोषणा राज्य की राजधानी कोलकाता के एक प्रमुख होटल में दोपहर 2 बजे हुई, जहां सैकड़ों समर्थक जमा थे।

हुमायूं कबीर का राजनीतिक सफर लंबा रहा है। 2011 में वे टीएमसी के टिकट पर विधायक बने, लेकिन पार्टी के आंतरिक कलह से नाराज होकर 2023 में इस्तीफा दे दिया था। अब उनकी नई पार्टी का फोकस ग्रामीण विकास, अल्पसंख्यक कल्याण और बेरोजगारी पर है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वीडियो संदेश में स्वागत किया और कहा, “यह गठबंधन बंगाल के मुस्लिम वोटरों को बिखराव से बचाएगा।” राजनीतिक विश्लेषक डॉ. रशीद अहमद के अनुसार, बंगाल में मुस्लिम आबादी 27 प्रतिशत है,

इस गठबंधन से बंगाल की सियासत में बड़ा भूकंप आने की संभावना है। टीएमसी और भाजपा दोनों को अल्पसंख्यक वोट बैंक खिसकने का डर सता रहा है, जबकि वाम मोर्चा इसे अवसर मान रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा कि सभी पार्टियां संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करें। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 के विधानसभा चुनावों में यह गठबंधन 10-15 सीटों पर असर डाल सकता है। कबीर ने भविष्य में और दलों को जोड़ने की बात कही, जो राज्य की राजनीति को बहुआयामी बना सकता है।

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