जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में चिनाब नदी ने रविवार सुबह अचानक उग्र रूप धारण कर लिया, जिससे नदी के बीच मझधार में कई ग्रामीण फंस गए। स्थानीय निवासी राम सिंह और उनकी फैमिली समेत कम से कम आठ लोग नाव पर सवार होकर नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे, जब अचानक पानी का वेग बढ़ गया। घटना रामबन के सलाल गांव के पास हुई, जहां भारी बारिश के बाद नदी का जलस्तर मात्र कुछ घंटों में 10 फीट ऊपर चढ़ गया। जिला प्रशासन ने तत्काल अलर्ट जारी किया,
इस घटना की पृष्ठभूमि में पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश है, जिसने पूरे क्षेत्र में जलस्तर को अभूतपूर्व ऊंचाई पर पहुंचा दिया। मौसम विभाग के अनुसार, चिनाब बेसिन में औसत से 150 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई, जो जलवायु परिवर्तन से जुड़ी अनियमित मौसमी गतिविधियों का परिणाम है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया, “नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर है, और इससे पहले 2023 में भी इसी तरह का हादसा हुआ था जिसमें तीन लोग बह गए थे।” विशेषज्ञों का कहना है कि ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फ पिघलने से जलप्रवाह और तेज हो रहा है। एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर हेलीकॉप्टर से सर्वे शुरू किया है, लेकिन घने कोहरे ने ऑपरेशन को जटिल बना दिया। स्थानीय एसडीएम ने कहा, “हमारी प्राथमिकता फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है, और राहत सामग्री वितरण के लिए 20 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया।”
इस प्रलयंकारी घटना के प्रभाव से पूरे रामबन क्षेत्र में दहशत फैल गई है, जहां सैकड़ों एकड़ फसलें पानी में डूब चुकी हैं और सड़क संपर्क कट गया है। यदि जलस्तर यूं ही बढ़ता रहा, तो आसपास के 50 हजार लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडरा सकता है। प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 100 से अधिक सदस्यीय टीम तैनात कर दी है, जो रेस्क्यू को तेज करने पर काम कर रही
