प्रसव के बाद माँ का शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। जिससे कारण उनकी पीठ दर्द शुरू हो जाता है और हड्डियों भी कमजोरी होने लगती है,जिससे दूध की कमी और थकान जैसी समस्याएं होने लगती हैं। समय रहते इसका समाधान करना जरूरी होता है नहीं तो कुछ समय बाद उम्र के साथ इसका बुरा प्रभाव हो सकता है वैसे तो इसके लिए बाजार में कई अंग्रेजी दवाएं और कैमिकल युक्त सप्लीमेंट्स भरपूर मात्रा में मौजूद हैं, लेकिन हम सभी घर में बनाई गई चीजों को ज्यादा पसंद करते हैं और वो हमारे लिए ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद होती है इसलिए आज हम आपके कुछ ऐसा लाए है जो हमारे पूर्वजों की सदियों पुरानी रेसिपी रही हैं
गोंद के लड्डू ये मां के लिए एक बहुत की बेहतरीन सप्लीमेंट है ऐसा हम नहीं आयुर्वेद कहता है आयुर्वेद विशेषज्ञों और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक प्राकृतिक सुपरफूड जो नई माँओं को ताकत देता है, स्तनपान बढ़ाता है और रिकवरी तेज करता है वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के इसके फायदे हमने जान लिया अब इसे बनाना भी सीखते है।
गोंद के लड्डू बनाने की आसान प्रक्रिया
गोंद के लड्डू बनाना बहुत सरल है और सबसे अच्छी बात इसमें सिर्फ 30-45 मिनट लगते हैं। इस रेसिपी में हम सिर्फ 20-25 लड्डू बनाएंगे बाकी आप अपनी इच्छा अनुसार सामग्री कम ज्यादा कर सकते है।
गोंद (ट्रैगाकैंथ गोंद) – 125 ग्राम
गेहूं का आटा (भुना हुआ) – 1 किलो
घी – 500 ग्राम (देशी घी इस्तेमाल करें)
गुड़ (पिसा हुआ) – 500 ग्राम
बादाम, काजू, किशमिश – 100-100 ग्राम (भुने हुए, कटे हुए)
इलायची पाउडर – 2 चम्मच
मखाना – 50 ग्राम (भुना हुआ)
अलसी के बीज या खसखस – 50 ग्राम (वैकल्पिक, भुने हुए)
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:
गोंद तैयार करें: एक कढ़ाई में 2-3 बड़े चम्मच घी गर्म करें। गोंद को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर डालें। मध्यम आंच पर भूनें जब तक यह फूल न जाए और सुनहरा-क्रिस्प न हो जाए (लगभग 5-7 मिनट)। ज्यादा भूनने से जल सकता है, इसलिए ध्यान रखें। ठंडा होने पर मिक्सर में बारीक पीस लें।
आटा भूनें: उसी कढ़ाई में बाकी घी गर्म करें। भुना गेहूं का आटा डालकर धीमी आंच पर भूनें, जब तक यह सुगंधित और हल्का सुनहरा न हो जाए (10-12 मिनट)। बीच-बीच में चलाते रहें ताकि जल न जाए। भूनने के बाद एक प्लेट में निकाल लें।
नट्स और मखाना भूनें: उसी घी में मखाना, बादाम, काजू, किशमिश और अलसी के बीज डालकर 3-4 मिनट भूनें। ये क्रिस्प हो जाएं तो निकाल लें।
गुड़ की चाशनी बनाएं: एक अलग पैन में गुड़ को कम पानी में पिघलाएं। उबालें जब तक एक तार की चाशनी न बन जाए (जब चम्मच से उठाएं तो एक तार बने)। आंच बंद करें और इसमें भुना आटा, पिसा गोंद, भुने नट्स, इलायची पाउडर मिलाएं। अच्छे से मिक्स करें ताकि सब चाशनी सोख ले।
लड्डू बांधें: मिश्रण को गुनगुना रहते हुए हाथों से लड्डू की शक्ल दें। अगर ज्यादा गर्म लगे तो थोड़ा ठंडा होने दें, लेकिन ज्यादा ठंडा न हो वरना बंधेंगे नहीं। हर लड्डू को गोल बनाकर प्लेट पर रखें।
स्टोर करें: लड्डू ठंडे होने पर एयरटाइट डिब्बे में रखें। ये 15-20 दिनों तक ताजा रहते हैं। नई मां रोज 1-2 लड्डू दूध या पानी के साथ खाएं।

