पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के तहत दो लाख से अधिक दावे-आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं, जिसमें सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सबसे आगे है। यह प्रक्रिया राज्य के सभी जिलों में पिछले सप्ताह से तेजी से चल रही है, जो 2026 विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाने का प्रयास है
इस प्रक्रिया की पृष्ठभूमि में 2026 के चुनावी युद्ध की तैयारी साफ झलक रही है। आंकड़ों के मुताबिक, कुल 2.2 लाख से ज्यादा दावों में टीएमसी का हिस्सा 40 प्रतिशत से अधिक है, जबकि भाजपा और अन्य दलों का योगदान कम है। टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग द्वारा लाखों वैध मतदाताओं के नाम सूची से काटे जा रहे हैं,
इस विवाद से राज्य में चुनावी माहौल तल्ख हो गया है, जिसका असर 2026 के चुनाव पर पड़ सकता है। यदि दावे-आपत्तियां सुलझीं, तो मतदाता सूची अधिक विश्वसनीय बनेगी, लेकिन देरी से असंतोष बढ़ सकता है। प्रशासन ने सुनवाई को तेज करने का आश्वासन दिया है,

