संसद ने ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025’ को दी मंजूरी

भारतीय संसद ने आज ‘विकसित भारत-जय राम जी विधेयक 2025’ को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी। लोकसभा में 320 वोटों से पारित होने के बाद राज्यसभा में भी 180 से अधिक सांसदों के समर्थन से यह विधेयक कानून बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने इस विधेयक को अपनी ‘विकसित भारत@2047’ पहल का प्रमुख हिस्सा बताते हुए पेश किया था। विधेयक का उद्देश्य देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि यह विधेयक ‘विकास और संस्कृति का संगम’ है। विपक्ष ने कुछ आपत्तियां दर्ज कीं, लेकिन बहस के बाद यह पारित हो गया।

यह विधेयक पिछले दो वर्षों से चर्चा में था, जो 2023 में बजट सत्र में पहली बार पेश हुआ। इसमें ग्रामीण विकास के लिए 5 लाख करोड़ रुपये का विशेष कोष, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर 2 लाख करोड़ का निवेश और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए 50 हजार करोड़ का प्रावधान शामिल है। अर्थशास्त्री डॉ. रघुराम राजन ने कहा, “यह विधेयक विकास को गति देगा, लेकिन क्रियान्वयन पर नजर रखनी होगी।” वहीं, वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इससे अगले पांच वर्षों में जीडीपी वृद्धि दर 8 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

इस विधेयक के पारित होने से देश के विकास मॉडल में नया आयाम जुड़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रोजगार सृजन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, लेकिन चुनौतियां जैसे बजट आवंटन और क्षेत्रीय असंतुलन बरकरार रहेंगी। सरकार ने घोषणा की है कि 2026 से इसका क्रियान्वयन शुरू होगा, जिसमें 10 राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट चलाए जाएंगे।

Scroll to Top