सामने आ गया ट्रंप का किया धरा! आंखें खोल देंगे भारत और अमेरिका के दो आंकड़े

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंधों पर एक बड़ा संकट मंडरा रहा है। अगस्त 2025 में ट्रंप प्रशासन ने भारत से आयातित वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दिए, जो ट्रेड असंतुलन और भारत की रूस से कच्चे तेल की खरीद को कारण बताकर लागू किए गए। यह कदम व्हाइट हाउस से आया, जहां ट्रंप ने भारत को ‘टैरिफ किंग’ करार देते हुए इन प्रतिबंधों की घोषणा की। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने इसे ‘अनुचित’ बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज किया, जबकि वाशिंगटन इसे ‘व्यापारिक न्याय’ का नाम दे रहा है। यह घटना भारत-US द्विपक्षीय व्यापार को सीधे निशाना बना रही है, जो पहले उम्मीदों के विपरीत तनावपूर्ण मोड़ ले चुका है।

इस फैसले की पृष्ठभूमि में दो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं, जो दोनों देशों की आंखें खोलने वाले हैं। 2024 में अमेरिका का भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार घाटा 36 अरब डॉलर का था, जो अमेरिका के कुल घाटे का दसवां सबसे बड़ा हिस्सा था। दूसरा, भारत अपनी आयातित कच्चे तेल का लगभग आधा हिस्सा रूस से ले रहा है, जो 2023 के मध्य से बढ़कर 2025 तक 45 प्रतिशत तक पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप का यह कदम रूस पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है, लेकिन भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को चुनौती दे रहा है। पूर्व अमेरिकी राजदूत जॉन बोल्टन ने ट्वीट में इसे ‘साझेदार को नुकसान पहुंचाने वाला’ बताया, जबकि भारतीय वाणिज्य मंत्री ने कहा, ‘हम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम उठाएंगे।’ पृष्ठभूमि में मई 2025 का भारत-पाकिस्तान संघर्ष भी है

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