‘सेना का अपमान कांग्रेस की पहचान’ ऑपरेशन सिंदूर पर बोलकर फंसे पृथ्वीराज चव्हाण

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। पुणे में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हाल ही में संपन्न ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस ऑपरेशन के पहले ही दिन भारत को पाकिस्तान के हाथों हार का सामना करना पड़ा। यह बयान 16 दिसंबर 2025 को पुणे के एक स्थानीय सभागार में दिया गया, जहां चव्हाण रक्षा नीतियों पर चर्चा कर रहे थे। उनके इस बयान ने तुरंत राजनीतिक हंगामा मचा दिया, क्योंकि इससे भारतीय सेना की बहादुरी पर सवाल उठे। भाजपा ने इसे सेना का अपमान बताते हुए चव्हाण पर निशाना साधा है।

ऑपरेशन सिंदूर अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के अंदर घुसकर किए गए सटीक हमले का नाम है। चव्हाण ने दावा किया कि 7 मई को हुई आधे घंटे की हवाई मुठभेड़ में भारतीय विमान गिराए गए और वायुसेना को ग्राउंडेड कर दिया गया। उन्होंने आगे कहा, ‘क्या हमें 12 लाख सैनिकों की इतनी बड़ी सेना की वाकई जरूरत है? भविष्य के युद्ध हवाई और मिसाइल आधारित होंगे।’ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘सेना का अपमान कांग्रेस की पहचान बन चुका है। यह बयान न केवल गलत है, बल्कि राष्ट्रवादी भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।’

इस बयान से सियासी तापमान तेज हो गया है, जो आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। विपक्षी दलों ने मांग की है कि चव्हाण माफी मांगें, वरना सेना के परिवारों में असंतोष बढ़ेगा। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है, लेकिन पार्टी आंतरिक समीक्षा करेगी।

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