केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) में अपनी 3 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है। यह ऑफर फॉर सेल (OFS) आज, 17 दिसंबर 2025 से शुरू हो गया है और कल, 18 दिसंबर तक चलेगा। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने इसकी पुष्टि की है। फ्लोर प्राइस 34 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जिससे सरकार को करीब 2100 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। यह बिक्री स्टॉक एक्सचेंजों- बीएसई और एनएसई के जरिए होगी
इस OFS के तहत सरकार बेस ऑफर के रूप में 2 प्रतिशत या 38.51 करोड़ शेयर बेचेगी, जबकि ग्रीन शू ऑप्शन से अतिरिक्त 1 प्रतिशत या 19.25 करोड़ शेयर बेचने का प्रावधान है। वर्तमान में सरकार के पास IOB की 94.61 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो चेन्नई मुख्यालय वाले इस बैंक को मजबूत वित्तीय स्थिति प्रदान करती है। DIPAM सचिव ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “IOB में 2 प्रतिशत इक्विटी डिसइन्वेस्टमेंट के साथ 1 प्रतिशत ग्रीन शू ऑप्शन के तहत OFS कल से खुलेगा।” विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम सरकार की डिसइन्वेस्टमेंट नीति का हिस्सा है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में 50,000 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य को पूरा करने में मददगार साबित होगा। बैंक की हालिया तिमाही रिपोर्ट में शुद्ध लाभ में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है
इस डिसइन्वेस्टमेंट से शेयर बाजार पर तत्काल असर पड़ा है, जहां IOB के शेयर आज 4 प्रतिशत गिरकर 35 रुपये के आसपास कारोबार कर रहे हैं। लंबे समय में इससे बैंक की निजीकरण प्रक्रिया तेज हो सकती है

