लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारत का पहला कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित शहर बसने की तैयारियां जोरों पर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के साथ बैठक कर इस परियोजना को हरी झंडी दी है। यह योजना राज्य को वैश्विक एआई हब बनाने का लक्ष्य रखती है। परियोजना का शुभारंभ 2025-26 वित्तीय वर्ष में होगा, जिसमें लखनऊ के एक प्रमुख क्षेत्र में 70 एकड़ भूमि पर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। यह पहली बार होगा जब भारत में किसी राज्य की राजधानी में पूर्ण रूप से एआई केंद्रित शहर विकसित होगा, जो स्टार्टअप्स और तकनीकी नवाचारों का केंद्र बनेगा।
एआई सिटी की कुल लागत करीब 10,732 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें टाटा समूह प्रमुख निवेशक की भूमिका निभाएगा। परियोजना में सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों पर फोकस होगा। चंद्रशेखरन ने बैठक में कहा, “यह शहर न केवल युवाओं को भविष्य की तकनीकों पर प्रशिक्षण देगा, बल्कि हजारों रोजगार सृजन करेगा
इसके अलावा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के लखनऊ, नोएडा और वाराणसी इकाइयों में कर्मचारियों की संख्या 16,000 से बढ़ाकर 30,000 करने की योजना है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में इसकी शुरुआती फंडिंग के लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो पूर्वांचल क्षेत्र के युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र स्थापित करेगा।

