नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 नवंबर 2025 को साउथ अफ्रीका के लिए रवाना होंगे, जहां वे जोहानिसबर्ग में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीति की मजबूती को दर्शाती है, जिसमें जलवायु परिवर्तन, व्यापार और सतत विकास जैसे मुद्दों पर फोकस रहेगा। साउथ अफ्रीका की जी20 अध्यक्षता के तहत 22-23 नवंबर को होने वाले इस दो दिवसीय समिट में पीएम मोदी दोपहर में जोहानिसबर्ग पहुंचेंगे और 23 नवंबर को लौटेंगे। यह भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जी20 में उभरते बाजारों की आवाज को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
उधर, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कनाडा में जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक के साइडलाइन्स पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। 12 नवंबर को हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया, विशेष रूप से व्यापार, सप्लाई चेन और वैश्विक चुनौतियों पर।जयशंकर ने रुबियो का दिल्ली धमाके पर शोक व्यक्त करने के लिए धन्यवाद दिया, जहां रुबियो ने इसे ‘स्पष्ट रूप से आतंकी हमला’ करार दिया। यह मुलाकात भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई गति देगी, खासकर QUAD और I2U2 जैसे बड़े मंचों के माध्यम से।यह हम सबसे लिए बड़े खुशी की लहर है
पीएम मोदी की साउथ अफ्रीका यात्रा जी20 के एजेंडे को भारत के ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ दर्शन से जोड़ेगी, इसे करने से हमारे रिश्ते और मजबूत होगे साथ ही व्यापार व्यवस्था में सुधार होगे यहां इससे भारत कि अर्थिक ओर सुरक्षा दोनों मजबूत होगी इसे होने से भारत का प्रभार और बढ़ेगा ये सब देश के हित को दर्शाती है
