लाल किला ब्लास्ट पर 5 मुस्लिम हस्तियों का बयान,

दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया। लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के निकट एक सफेद i20 कार में हुए इस धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों ने इसे फिदायीन हमला करार देते हुए UAPA के तहत केस दर्ज किया है। इस घटना पर देश की प्रमुख मुस्लिम हस्तियों ने कड़ी निंदा की है। नजीब जंग, एसवाई कुरैशी, शाहिद सिद्दीकी, सईद शेरवानी और लेफ्टिनेंट जनरल जमीउद्दीन शाह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि भारतीय मुसलमान आतंकवाद के हर रूप के खिलाफ एकजुट हे, यह हमला राष्ट्र की साझा विरासत पर प्रहार है।

लाल किला ब्लास्ट की घटना और जांच
शाम करीब 6:52 बजे हुए इस विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ, जो बांग्लादेश-नेपाल रूट से लाया गया था। धमाके से आसपास की गाड़ियां और दुकानों के शीशे चूर-चूर हो गए। केंद्र सरकार ने इसे ‘आतंकी घटना’ घोषित कर एनआईए को जांच सौंपी है। संदिग्ध डॉक्टर मुजम्मिल गनाई समेत फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़े नाम सामने आ रहे हैं घटना दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, लेकिन मुस्लिम समुदाय ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया।

दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग ने कहा, “यह क्रूरता है। लाल किला हमारी आजादी और पहचान का प्रतीक है। भारतीय मुसलमान इसकी सख्त निंदा करते हैं।” आतंक का कोई धर्म नहीं है हिंसा फैलाने वाले इंसानियत नहीं जानते यह इंसानियत के दुश्मन है कुछ का कहना है इसे धर्म से ना जोड़े ये सही नहीं है

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