sports, cricket शेफाली का सफ़र आसान नहीं रहा। रोहतक में जब क्रिकेट खेलना शुरू किया, तो लड़की होने की वजह से कई दिक्कतें आईं। लेकिन इनके पिताजी ने इनका साथ दिया। कहते हैं, जब इन्हें अच्छी प्रैक्टिस नहीं मिली, तो इन्होंने बाल कटवाकर लड़कों के बीच क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। क्रिकेट के मैदान पर कुछ खिलाड़ी आते हैं और बस ‘खेलते’ हैं। लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जो आते हैं और ‘गर्दा’ उड़ा देते हैं। हमारी हरियाणा की छोरी, शेफ़ाली वर्मा, दूसरी वाली लिस्ट में है। जब ये बैट उठाती हैं, तो गेंद को बाउंड्री पार जाने के लिए वीज़ा की ज़रूरत नहीं पड़ती। ये मारती कम ह
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15 साल की उम्र में तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड, रोहित शर्मा से होती है बराबरी, जानें कौन हैं फाइनल में 87 रन बनाने वाली शेफाली वर्मा

