दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को एक चौंकाने वाली कार्रवाई में 19 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया, जो मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रहा था। नाम है अली शेख, कश्मीर के श्रीनगर का रहने वाला यह लड़का दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर में रहता था। जांच में पता चला कि उसके पास खौफनाक इरादे थे—वह कश्मीर घाटी में विस्फोटक हमलों की योजना बना रहा था और नेपाल बॉर्डर के रास्ते हथियारों की तस्करी का कनेक्शन जोड़ रहा था। गिरफ्तारी दिल्ली के नजफगढ़ इलाके से हुई, जहां उसके कमरे से संदिग्ध दस्तावेज और मोबाइल डेटा बरामद हुए। यह घटना 15 दिसंबर को दोपहर करीब 2 बजे की है, जब एक टिपऑफ पर छापेमारी की गई।
—पिता एक स्कूल टीचर हैं और वह नीट परीक्षा के लिए दिन-रात पढ़ाई कर रहा था। लेकिन इंटेलिजेंस एजेंसियों की निगरानी से खुलासा हुआ कि वह ऑनलाइन रेडिकल वेबसाइट्स से जुड़ा था और सोशल मीडिया पर कट्टरवादी ग्रुप्स से संपर्क में था। उसके फोन से नेपाल के कुछ संदिग्ध कॉन्टैक्ट्स मिले, जो कश्मीर के उग्रवादियों को हथियार सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया, “यह कनेक्शन नेपाल के तराई इलाके से होकर भारत में घुसपैठ का नया रूट खोल रहा था।” विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे युवाओं को रेडिकलाइजेशन के जरिए टारगेट किया जाता है,
इस गिरफ्तारी से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। कश्मीर-नेपाल बॉर्डर पर अब अतिरिक्त चेकिंग बढ़ा दी गई है, ताकि तस्करी रोकी जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे युवाओं में रेडिकलाइजेशन रोकने के लिए कोचिंग सेंटर्स में साइबर मॉनिटरिंग जरूरी हो गई है। प्रशासन ने अली के परिवार से पूछताछ शुरू कर दी है और आगे की जांच में उसके साथियों का पर्दाफाश होगा
