पीएम मोदी ने कहा, “अगर देश अब भी 2014 से पहले के युग की निराशा में डूबा हुआ होता, ‘कमजोर पांच’ देशों में गिना जाता और नीतिगत गतिरोध से ग्रस्त होता, तो हमारे साथ व्यापार समझौता कौन करता?” पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 11 वर्षों में, देश की चेतना में ऊर्जा का एक नया प्रवाह प्रवाहित हुआ है. भारत अब अपनी खोई हुई क्षमता को पुनः प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है.”
