दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास 11 नवंबर 2025 को हुए कार बम विस्फोट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। आई-20 कार में हुए धमाके में कम से कम 9-12 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों घायल बताए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इसे आतंकी हमले का रूप देकर हाई अलर्ट जारी किया है। प्रारंभिक जांच में आत्मघाती (फिदायीन) हमले की आशंका जताई गई, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि आतंकी उमर नबी ने हड़बड़ी में विस्फोट किया। यह घटना जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद जैसे संगठनों से जुड़े मॉड्यूल से लिंक है। लाल किला धमाका न्यूज ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया, जहां सीसीटीवी फुटेज में भगदड़ और आग की लपटें साफ दिख रही हैं।
फरीदाबाद से चली इस साजिश का पर्दाफाश तेजी से हुआ। विस्फोट से ठीक पहले पुलिस ने फरीदाबाद के एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, जिसमें तीन मुस्लिम डॉक्टरों समेत 5-8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने और फंडिंग में शामिल थे। डॉ. उमर नबी, जो कार चला रहा था, मृतकों में शामिल है और अल-फला से जुड़ा माना जा रहा। फरीदाबाद आतंकी गिरफ्तारी ने सुरक्षा चूक पर सवाल खड़े कर दिए, खासकर पहलगाम हमले के बाद। जांच एजेंसियां अब पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं, जिसमें बांग्लादेशी लिंक भी उभर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान दौरे के दौरान इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया। थिम्पू से बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘ये कायराना हमले हमें डिगा नहीं सकते। दोषियों को बख्शेंगे नहीं, उन्हें सख्त सजा मिलेगी।’ मोदी का लाल किला ब्लास्ट पर बयान ने देशभर में एकजुटता का संदेश दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद में बयान देकर जांच तेज करने का ऐलान किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूटान, बांग्लादेश और नेपाल के नेताओं ने निंदा की, इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया।
इस घटना से न केवल दिल्ली कि सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि आतंकवाद विरोधी कानूनों को मजबूत करने की मांग भी करती लोग केवल मीडिया ओर सोशल मीडिया दोनो पर #JusticeForRedFortBlast ट्रेड कर रहा है यहाँ हमला 2025 कि सबसे बड़ी चुनौती बन गया है जहाँ सरकार और लोगों की परीक्षा की घड़ी हैं
