चीन के बदले हुए सुर यह संकेत दे रहे हैं कि वह भारत को अब एक प्रतिद्वंदी के बजाय एक अनिवार्य वैश्विक भागीदार के रूप में देख रहा है. हालांकि, कूटनीति के जानकारों का कहना है कि चीन के ‘सम्मान देने’ के वादे को हकीकत में बदलने के लिए अभी बीजिंग के अगले कदमों पर नजर रखनी होगी. फिर भी, UNSC की सीट के लिए चीन का यह नरम रुख भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत है.
