धर्मेंद्र का फिल्मी सफर एक प्रेरणादायक गाथा है, जो 1960 के दशक से आज तक चमकता आ रहा है। 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के नसराली में जन्मे धर्मेंद्र ने 1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से डेब्यू किया, लेकिन असली ब्रेकथ्रू ‘बंदिनी’ (1963) और ‘हकीकत’ (1964) से मिला। उनकी चमकती मुस्कान और सादगी भरी आंखें दर्शकों को तुरंत आकर्षित करती थीं, जो रोमांटिक हीरो की छवि बना दी। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके इस सुपरस्टार को ‘ही-मैन’ का खिताब उनकी मस्कुलर बॉडी और स्ट्रॉन्ग परफॉर्मेंस से मिला। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है आज भी उनका जादू बरकरार है
धर्मेंद्र का एक्शन का दौर 1970 के दशक में चरम पर पहुंचा, जब ‘मेरा गांव मेरा देश’ (1971) ने उन्हें मास हीरो बना दिया। लेकिन ‘शोले’ (1975) ने इतिहास रच दिया, जहां वीरू के रोल में उनकी दोस्ती, हिम्मत और ‘बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना’ डायलॉग आज भी गूंजते हैं। अमिताभ बच्चन के साथ जोड़ी ने बॉलीवुड को नया ट्रेंड दिया उनकी मुस्कान एक्शन के बीच नरमी लाती है जो उन्हें सुपरस्टार बनती हैं रोमांस में धर्मेंद्र का जादू हेमा मालिनी पर चला जिससे उन्होंने शादी कर ली
