Delhi Blast: दिल्ली के लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर 2025 को हुई कार विस्फोट की घटना ने पूरे देश को हिला दिया। इस ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। मुख्य संदिग्ध उमर उन नबी, जो हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी का कर्मचारी था, ने कार में विस्फोट किया।
जांच में फरीदाबाद से चार डॉक्टरों की गिरफ्तारी हुई, जिनके पास 2,900 किलोग्राम विस्फोटक और बम बनाने की सामग्री बरामद हुई। पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने इस घटना पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आतंकवाद अब सीमापार से ही नहीं, बल्कि घरेलू स्तर पर भी फैल रहा है।
चिदंबरम ने अपने एक्स पोस्ट में स्पष्ट किया कि “दो तरह के आतंकी होते हैं – विदेश-प्रशिक्षित घुसपैठिए आतंकी और गृह-प्रेरित (होम-ग्रोन) आतंकी।” उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बहस के दौरान भी यही बात कही थी, लेकिन उन्हें ट्रोलिंग और मजाक का सामना करना पड़ा।
चिदंबरम का मानना है कि शिक्षित भारतीय नागरिकों का आतंक की ओर मुड़ना चिंताजनक है, और इसके पीछे सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियां जिम्मेदार हैं। फरीदाबाद मॉड्यूल जैसी घटनाएं जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी होने के बावजूद इस पर कोई एक्शन क्यूँ नहीं किया जा रहा जिससे वो जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर सकते है
इसे में आतंकी हमले घरेलू नेटवर्क को उजागर करती हैं।जिससे आने वाले समय में हमको और खतरा है यही के होने के बाद भी वो आतंकी हमले और आतंकवाद फेला रहे हें
सरकार की कैबिनेट रेजोल्यूशन पर प्रतिक्रिया देते हुए चिदंबरम ने कहा, “सरकार को पता है कि गृह-प्रेरित आतंकी मौजूद हैं, लेकिन वे इस पर ‘चुप्पी साधे’ हुए हैं।” उन्होंने ब्लास्ट को आतंकी घटना बताए जाने पर विदेशी साजिश का जिक्र न करने की आलोचना की।
भाजपा ने पहले उनके बयानों को पाकिस्तान को क्लीन चिट देने का आरोप लगाया था, लेकिन चिदंबरम ने इसे तोड़-मरोड़कर पेश करने का जवाब दिया। यह बयान दिल्ली कार ब्लास्ट 2025 के संदर्भ में हे
इतना विस्फोट होने के बाद भी चुप बैठे हे उनका मानना है की सरकार कुछ कर क्यूँ नहीं रहीं
