लक्ष्मण साहू ने बताया कि पहले वे दूसरों के यहां मजदूरी करते थे. बाद में उन्होंने कुछ अलग करने का फैसला किया और गुमला शहर के डेली मार्केट से सब्जियां खरीदकर बेचने का काम शुरू किया. इससे उन्हें कुछ कमाई तो होने लगी, लेकिन बढ़ती महंगाई और परिवार के खर्च को देखते हुए उन्होंने सोचा कि यह काम लंबे समय तक नहीं चल सकता.
