बॉलीवुड एक्टर विजय वर्मा ने हाल ही में अपने मेंटल हेल्थ स्ट्रगल को खुलकर शेयर किया है। लॉकडाउन के दौरान वे गंभीर डिप्रेशन और एंग्जायटी से जूझ रहे थे, जहां वे घंटों रोते रहते और बिस्तर से उठने की ताकत भी नहीं जुटा पाते। यह खुलासा रिया चक्रवर्ती के पॉडकास्ट पर करते हुए विजय ने बताया कि कैसे उन्होंने इस अंधेरे दौर से उबरने के लिए थेरेपी और योग का सहारा लिया। उनकी यह कहानी न सिर्फ सेलिब्रिटीज के मेंटल हेल्थ इश्यूज को हाइलाइट करती है, बल्कि सपोर्ट सिस्टम की अहमियत भी रेखांकित करती है।
लॉकडाउन के उन कठिन दिनों में विजय वर्मा की जिंदगी रुक सी गई थी। वे चार दिनों तक काउच से हिले भी नहीं, और छोटी-छोटी बातों पर भावुक हो जाते। “मैं कॉलैप्स हो जाता था, रोते-रोते थक जाता,” उन्होंने बयान दिया।इस दौरान उनकी दोस्त आइरा खान, जो आमिर खान की बेटी हैं, ने सबसे पहले उनके व्यवहार में बदलाव को नोटिस किया। आइरा उस वक्त ‘दहाड़’ सीरीज में असिस्टेंट डायरेक्टर थीं, जहां विजय के साथ उनका सहयोग था। उन्होंने ही विजय को थेरेपी शुरू करने के लिए प्रेरित किया, जो उनके रिकवरी का पहला कदम साबित हुआ।
आइरा खान का सपोर्ट विजय के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ। उन्होंने न सिर्फ इमोशनल सपोर्ट दिया, बल्कि प्रोफेशनल हेल्प लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया। एक्टर गुलशन देवैया भी इस सपोर्ट सिस्टम का हिस्सा बने। विजय ने कहा, “आइरा और गुलशन मेरे छोटे से सपोर्ट सर्कल थे, जिन्होंने मुझे अकेला महसूस नहीं होने दिया।” यह दोस्ती आज भी मजबूत है, और आइरा की पहल ने विजय को नई जिंदगी दी। बॉलीवुड में मेंटल हेल्थ अवेयरनेस बढ़ाने वाली यह कहानी युवाओं के लिए इंस्पिरेशन है। अखिरकार थेरेपी और योग ने विजय की जिंदगी फिर से सही रास्ते पर चल रहीं हैं जहां वो अब एक स्वस्थ जीवनशैली जी रहे है
